7 राजकुमार अरोड़ा गाइड के सँग आज का रँग
*💐आज का रँग- गाइड के सँग💐*
😍🤓😡😛😂😜🥵🤪😅
जिन्दगी भर सुख कमा कर दरवाजे से घर में लाने की करते रहे कोशिश...पता ही न चला कि कब खिड़कियों से उम्र निकल गई...!!!
*नेकी कर दरिया में डाल-ये कहना था पुरानी पीढ़ी का... और अब नई पीढ़ी- कुछ भी कर,व्हाट्सएप पर डाल...!!*
हवा को कितना गुमान था,अपनी आजादी का...किसी ने उसे भी गुब्बारों में भर कर बेच दिया...!
*बन्द करो ना!शादी के बाद, लड़कियों के सरनेम बदलने की प्रथा....स्कूल,कॉलेज में साथ पढ़ने वालियों को फेस बुक पर खोजने में बहुत तकलीफ होती है...!!!*
दारू पीने से किडनी खराब होती है,नहीं पीने से दिमाग...!!!
*तू सारा साल पढ़ता नहीं है पर जैसे ही एग्जाम पास आते हैं,तू किताबों में खो जाता है,माँ के ये कहने पर बेटा- क्योंकि लहरों की शान्ति सभी को पसन्द होती है लेकिन तूफानों में नाव चलाने का तो मज़ा ही कुछ और हैं...!*
यार!मेरी पर्सनेलिटी के हिसाब से मुझे क्या करना चाहिये....उसने जब मुझ से ये पूछा तो मैनें कहा- जा,भाग कर दो कप चाय ले आ!
*ईश्वर भी अब तथास्तु कहने से डरने लगे हैं...क्योंकि आज का इन्सान,एक फूल चढ़ा कर पूरा गुलशन माँगते हैं...!*
एक सिद्ध महात्मा अपने एक परम शिष्य पर बहुत प्रसन्न हुए तो बोले- कोई एक मन्नत माँगों जरूर पूरी होगी!तो वो बोला-मुझे
शादीशुदा से कुआँरा बना दीजिये, इस पर महात्मा बोले-मैंने मन्नत माँगने को कहा था,जन्नत नहीं!
*शराब के बार के पास एक छोटा सा तालाब था,वहाँ एक बूढ़ा बारिश में धागा बंधी डंडी हाथ मे लिये मछली पकड़ रहा था,बार के पास खड़ा एक व्यक्ति एकआदमी जो काफी देर से देख रहा था उसे दया आ गई बोला --बाबा,मैं विहस्की पीने बार में जा रहा हूं,तुम भी आओ,एक पैग ले लो,वो साथ चला गया और पीते पीते उस आदमी ने बाबा से पूछा- हाँ,तो बाबा आज कितनी मछलियाँ फँसी...??? ज़वाब मिला-तुम आठवीं मछली हो बेटा...!!!*
एक राजा था,उसने एक सर्वे करने करने की सोची कि मेरे
राज्य के लोगों की घर गृहस्थी पति से चलती है या पत्नी से...? उसने एक इनाम रखा-जिसके घर
में पति का हुक्म चलता हो,उसे मनपसंद घोड़ा इनाम में मिलेगा और जिसके घर में पत्नी की चलती हो वो अनार ले जाये...एक के बाद एक अनार ले कर जाने लगे,राजा को चिन्ता होने लगी...
क्या मेरे राज्य के सभी घरों में पत्नी का हुक्म चलता है...इतने में एक मोटा तगड़ा,लम्बी लम्बी मूंछों वाला जवान आया और
बोला-राजा जी,मेरे घर में मेरा ही हुक्म चलता है,घोड़ा मुझे ही दे दीजिये! राजा खुश हो गये और कहा-अपना मनपसन्द घोड़ा ले जाओ..वो जवान काला घोड़ा ले कर रवाना हो गया! राजा खुश कि चलो एक घर तो मिला,जहाँ
पर आदमी की चलती है! थोड़ी देर बाद ही जवान तो वापिस ही आ गया और बोला-मेरी घरवाली कह रही है,काला रँग अशुभ होता है,सफेद शान्ति का प्रतीक,इस
लिये मुझे सफेद रँग का घोड़ा दे दीजिये तो राजा बोले-घोडा रख और अनार ले कर चलता बन! इसी तरह आधी रात हो गई... दरबार खाली हो गया...लोग अनार ले कर चले गये...तभी महामंत्री ने दरवाज़ा खटखटाया- राजा बोले-कहो,कैसे आना हुआ?...तब महामंत्री बोले-आपने
घोड़ा और अनार इनाम में रखा इसकी जगह एक मन अनाज या सोना आदि रखा होता तो लोग कुछ दिन खा लेते या जेवर बनवा लेते तो राजा बोले-चाहता तो मैं भी यही था पर महारानी ने जो कहा वही ठीक समझा! तो
महामंत्री बोले-महाराज,आपके लिये अनार छील दूँ!अब राजा
को हँसी आ गई और बोले-ये सवाल दरबार में या कल सुबह भी पूछ सकते थे,आप आधी रात को ही क्यों आये? तो महामंत्री उवाच-मेरी धर्मपत्नी बोली-अभी जाओ और पूछ के आओ,सच्ची बात का पता तो लगे.. तो राजा
बात काट कर बोले-महामंत्री जी जी,अनार आप खुद ही घर ले
जाओगे या किसी के हाथ घर भिजवा दूँ.....!!!
*अब बेवड़ा,शराबी सुनना अच्छा नहीं लगता,इस प्रजाति के लोगों को ...मदिरा वीर नाम से ही सम्बोधित करें आखिर देश की अर्थव्यवस्था इन्हीं के कन्धों पर ही तो है....!!!*
अधिकतर बुद्धिजीवी इस देश में ऐसे शेर हैं... जो सियारों की बारात में बैंड बजाते हैं...!!!
*वो कहते थे जितना कीचड़ होगा उतना कमल और खिलेगा...अब वो कीचड़ ही दलदल हो गया जनाब!अब जितना निकलोगे उतना ही ज्यादा धँसोगे...!!!*
अब वक्त आ गया है जजों को बुलेटप्रूफ जैकेट दी जाये...पता नहीं कौन कब कोर्ट रूम में किसी पर गोली चला दे,कब तक कुर्सी के नीचे छिप कर अपनी जान बचाते रहेंगे...!!!
*दूसरे देशों में गाय दूध के लिये उपयोग में पर हमारे यहाँ...इस के अलावा दँगा कराने और आंदोलन करने में भी। हमारी गाय दूसरों से भिन्न जो है...!!*
एक बुजुर्ग अपनी मारुति कार से
जा रहे थे,अचानक साथ गुजर रही बी एम डब्ल्यू को मामूली सी
खरोंच लग गई,बी एम डब्ल्यू से चार लम्बे चौड़े सरदार निकले,
बेचारे बुजुर्ग की पिटाई की नौबत आ गई।बुजुर्ग हाथ जोड़ बोले-मैं अकेला तुम चार।मैं तुम्हारा क्या मुकाबला करूँगा। तभी उनमें से एक बोला-जीते,सुरजीते तुम दोनों इन बुजुर्ग के साथ हो जाओ
तो फिर बुजुर्ग बोले-ये क्या!अब हम तीन और ये दो ! तो फिर जीते बोला-अंकल जी आप अपने घर जाओ,इन दोनों से तो अब हम खूब निपटते हैं...!!!
*लोग दीवाने हैं बनावट के...हम सादगी ले कर कहाँ जाये...!!!*
प्यार अँधा होता है...शायद इसी
लिये मेरे जैसे लोगों को ढूँढ नहीं पा रहा हूँ...!!!
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*पतझड़ दिया था,वक्त ने सौगात में मुझे....मैनें वक्त की जेब से सावन चुरा लिया..!!!*
-राजकुमार अरोड़ा गाइड
सेक्टर 2,बहादुरगढ़(हरियाणा)
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