11 राजकुमार अरोड़ा आज का रंग-गाइड के संग

 *💐आज का रंग-गाइड के संग💐*

🥵😎😬😇😅🤥😂😜🤣🥹

मिला करो अनजान लोगों से भी...कभी कभी अनजान अपनों से बेहतर मिल जाते हैं...!!!

*तू भी खामख्वाह ही बढ़ रही है ऐ धूप...इस शहर में पिघलने वाले दिल ही नहीं हैं...!!!*

मोटी पत्नी अपने पति को बाहों में उठाने को कह रही थी,जब बहुत कोशिश करने ऐसा नहीं कर पाया तो पत्नी बोली-कितनी बार कहा है जिम जाया करो पर पति बेचारा अन्दर ही अन्दर बुड़ बुड़ा कर ही रह गया कि तू भी तो जिम जा सकती है,तेरे लिये तो ज्यादा जरूरी है...!!!

*ज्यादा अच्छा क्या-लव मैरिज या अरेंज?-दोस्त के पूछने पर मैं बोला- करेला को फ्रॉय करके खाओ या उबाल के..स्वाद एक जैसा ही रहेगा...तुम ही बताओ क्या मैंनें गलत कहा...???*

अब तो अपने ही शहर में रहने वाले बेचारों से पूरी हमदर्दी हो गई है-घर में बीवी सांस नहीं लेने देती और बाहर प्रदूषण...!!!

*दिल और इयरफोन किसी को मत देना...लोग वापस तोड़ कर ही देते हैं...!!!*

छत पर सुखाये  कपड़े व फेसबुक पर बने रिश्तों का क्या भरोसा-कब उड़ जायें...???

*आज के समय में सबसे सुखी व्यक्ति वो है जिसे... लेटते ही नींद आ जाये और बैठते ही पेट साफ हो जाये... बाकी सब मोहमाया है...!!!*

एक बात तो बताओ...ये ऐ सी का पानी आता कहाँ से है और कूलर का पानी जाता कहाँ है...???

*इस दौर में अगर आप कुछ नहीं उखाड़ पा रहे हैं तो...कम से कम एक पौधा ही लगा दीजिये...!!!*

2002 में मेरी अनियतकालीन पत्रिका "निशान्त" में छपा मेरा एक व्यंग्य जो आज 23 साल बाद भी उतना ही प्रासंगिक-अपने ही देश के एक राज्य के बिजलीघर में हैड क्लर्क शर्मा साहब अपने कार्य में व्यस्त थे तभी एक कबूतर ने उनके रजिस्टर पर बीट कर दी और उनका ध्यान भंग हो गया। घन्टी बजाई,चपरासी आया पर तब तक कबूतर जा चुका था। बीट साफ करने के लिये कहा तो जवाब मिला-"मैं कोई जमादार नहीं हूं जो बीट साफ करूंगा"।हार कर शर्मा साहब ने उसे एक जमादार को बुलवाने के लिये कहा। जमादार ने पन्द्रह रुपये ले कर यह काम कर दिया।शर्मा जी ने इसे मिसलेनियस खर्चे में डाल कर एस डी ओ के पास सेंक्शन हेतू भिजवा दिया,वहां से लाल चिट लग कर एक नोट आया कि "कबूतर की बीट से इस ऑफिस का कोई सम्बन्ध नहीं है",पर यह सिलसिला अभी रुका नहीं था। कबूतर की छह बार बीट उठवाने का बिल 90 रुपये तक जा पहुंचा था।"बिजलीघर में कबूतर" हैडिंग से फ़ाइल बन चुकी थी, कई लाल चिट लग जाने के कारण फ़ाइल में भी जान आ गई थी।अब बिल की सेंक्शन हेतू पत्र हैड ऑफिस जाने शुरू हो गए थे,वहां भी यही ऑब्जेक्शन उठा,लगता था कबूतर भी लाल फीताशाही से रंग लेने पर तुला हुआ था पुराना सिलसिला बरकरार रहने व पत्राचार भी आरंभ होने से बिल एक हज़ार बहतर रुपये तक जा पहुंचा था।बिजलीघर में कबूतर के चर्चे आम हो गए थे।कर्मकाण्डी शर्मा जी कबूतर को मारना भी नहीं चाहते थे और इसी कारण ही यह इतना बड़ा कांड हो गया था।बेचारे कबूतर को भी क्या मालूम कि उसने कितना बड़ा हंगामा  खड़ा कर दिया है।अब कबूतर बिजलीघर की सम्पत्ति बन गया था,उसे जिंदा रखना भी जरूरी था,उसके भोजन पर भी खर्च होने लगा। जब बिल तीन हज़ार से ऊपर पहुंच गया तो फिर उच्चाधिकारियों की नींद खुली क्योंकि अब कबूतर पकड़ में भी नहीं आता था,उसे पकड़ने को बुलाया गया मशहूर शिकारी भी असफल रहा था।एक उच्चस्तरीय मीटिंग बुलाई गई जिसमें खाने पीने व आने जाने का खर्च मिला कर तो बिल का मुंह खुलता गया,जब कई मीटिंगे किसी एक निर्णय पर पहुंचने में असफल रहीं तभी एक नया अजूबा हो गया।तेज़ चल रहे पंखे की पंखुड़ियों में फँसकर कबूतर तो स्वर्गलोक पहुंच गया,पर पीछे परेशानी कितनी छोड़ गया?इतने बड़े कांड का नायक अचानक चल बसा!फिर मीटिंग हुई और सम्मान सहित अश्रुपूर्ण विदाई से कबूतर जी का दाह संस्कार हुआ।अब तक यह फ़ाइल "डैड"हैडिंग के साथ 24995 रुपये का बिल भार सम्भाले मन्त्री जी के पास जा पहुंची थी।भाग्य की विडम्बना यह कि शर्मा जी भी 6 वर्ष से चल रहे इस अनपेड बिल को वहीं छोड़ पिछले माह ही भगवान को प्यारे हो गए थे।अब मन्त्री जी भी बिल की तफ्तीश पूछें तो किस से,लाचार हो कर उन्होंने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए बिल सेंक्शन कर दिया ताकि इतनी पुरानी सस्पेंस की एन्ट्री समायोजित हो और पेमेंट प्रक्रिया के बाद फ़ाइल को ओल्ड रिकॉर्ड रूम में रखवाने का आदेश दे दिया...!!!

*किसी को कमला पसंद नहीं मिल रही है...किसी को पसंद की कमला नहीं मिल रही...बाकियों को मिली कमला पसंद नहीं आ रही है...!!!*

लोग इतने शक्की हो गये कि साफ हैंडराइटिंग वाले को तो डॉक्टर ही नहीं समझते...!!!

*अपने शरीर का ध्यान रखिये, एक ये ही जगह है जहाँ आप अन्त तक रहते हैं...!!!*

पत्नी जी बोलीं-फिर से लॉक डाउन लग जाये तो अच्छा है मेरे क्यों कहने पर ज़वाब-मुझे कामवाली से ज्यादा आप का काम ज्यादा अच्छा लगता है...किसी प्रकार की खटपट कटकट नहीं,कोई पगार देने की चिन्ता नहीं...24 घँटे हाज़िर,बाई की छुट्टी लेने से मुक्ति और फिर आखिर घर का आदमी है तो चोरी चकारी का भी डर नहीं...!!!

*लड़की जब नाराज़ हो कर डी पी हटा लेती है तो भारत बन्द जैसा लगता है...!!!*

भृष्टाचार से नाराजगी बस उसी को होती है जिसे...खुद इसका मौका नहीं मिलता...!!!

*लू से बचने का अचूक उपाय- मोबाइल में ही पड़े रहना...!!*

वन विभाग को अर्जी मिली-हमारे घर की शेरनी पर कार्यवाही कर सकते हैं क्या???वन विभाग से ज़वाब आया- जब लाये थे तो एन ओ सी ली थी क्या???तो अर्जीकर्ता का ज़वाब- महोदय हम तो बकरी लाये थे...शेरनी कब बन गई पता ही नहीं चला...!!!

*प्रेम ही पूजा है क्योंकि...प्रेम ने ही फेक आई डी बनाई है...पूजा के नाम की...!!!*

पति गुस्से में एकांत खोजते हैं और महिलायें गुस्से में पति खोजती हैं...!!!

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*हमारी शिकायत हमसे ही किया करो...हमारी कोई दूसरी ब्रांच नहीं है...!!!*

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