4.राजकुमार अरोड़ा गाइड के सँग हास्य रँग

 *💐आज का रँग-गाइड के सँग💐*

🤓😛🤪😅😂😍🤪🥵🤪

आनन्द वहाँ नहीं,जहाँ धन मिले..

आनन्द वहाँ है,जहाँ मन मिले..!

*तुरन्त आवश्यकता है नये दोस्तों की...पुराने दोस्त बीवियों के गुलाम हो गये है...!!!*

इस दुनिया में हम से,जलने वाले भी बहुतेरे,पर चाहने वाले तो,उस से कहीं ज्यादा भतेरे,फिर बहुमत में है चाहत की अपनी सरकार,

मस्त रहो मस्ती में,तुम्हें उनसे क्या है दरकार...???

*बच्चों को अगवा कर के फिरौती वसूलना बहुत ही बुरा काम...इस की जगह तुम एक प्राइवेट स्कूल क्यों नहीं खोल लेते...???*

स्कूल टीचर ने घर एक नोट भेजा-

आपका बेटा एक होनहार और आज्ञाकारी छात्र है लेकिन लड़कियों के साथ बहुत अधिक

 समय बिताता है...माँ ने वापस नोट भेजा- मैडम,कृप्या समाधान बतायें,समस्या नहीं,इस के पिता की भी यही समस्या है...!!!

*छप्पन इंची वाला कहता हैं-मैं चाहे ये करूँ,मैं चाहे वो करूँ,मेरी मर्ज़ी... होनहार चिरयुवा कहता है-तुमको मिर्ची लगीं तो मैं क्या करूँ...???*

पत्नी जी को किटी पार्टी में जाना था तो बोली-सुनो जी मैँ कौन सी साड़ी पहनूँ- ये नीली वाली या  लाल वाली,मैनें कहा-नीली वाली पहन लो तो ज़वाब नीली वाली तो परसों पहनी थी तो मैं-अच्छा तो

फिर लाल ही पहन लो!अब पूछा- अच्छा अब ये बताओ लाल साड़ी के साथ सैंडल कौन से वाले अच्छे  लगेंगे?ये फूल वाले या प्लेन,तो मैं -प्लेन! तो ज़वाब-अरे! मैं पार्टी में जा रही हूँ,किसी कथा में नहीं, थोड़ी तड़क भड़क तो दिखे न! तो मैं-ठीक है फिर फूल वाली ही पहन लो!अब पत्नी जी-अच्छा बिन्दी कौन सी अच्छी लगेगी? ओवल या बड़ी या ये छोटी सी! तो मैं- मेरे ख्याल से ओवल ठीक रहेगी!इस पर पत्नी जी बिफरीं- तुम्हें फैशन का ज़रा भी आइडिया नहीं है,मैनें जो साड़ी पहनी है न, उसके साथ तो ये छोटी ही अच्छी

लगेगी!अब मैनें कहा-तो ठीक है, छोटी बिंदी ही लगा लो!अब फिर पत्नी जी-अच्छा पर्स कौन सा  जमेगा,यह क्लच या बड़ा हैंड बैग तो मैंने कहा-क्लच ले लो।अब  पत्नी जी का कहना था-आजकल तो बड़े हैंडबैग का फैशन है तो 

मैनें कहा-अरे बाबा! तो वही ले जाओ,मुझे क्या करना है,बस

बस पार्टी को अच्छे से एन्जॉय करना! पत्नी जी जब शाम को पार्टी से लौट कर आईं तो बड़े गुस्से में थीं तो मैं-अरे क्या हुआ? तो ज़वाब-तुम एक भी काम ढँग से नहीं कर सकते क्या? घबराहट में मैँ-क्यूँ,मैनें क्या गलत कर दिया इस पर पत्नी -पार्टी में सब मेरा मज़ाक उड़ा रहे थे कि ये कैसी

कैसी साड़ी पहन कर आ गई,कैसी बिंदी लगाई,पर्स और 

सैंडल पर भी कमेंट पास कर रहे थे तो मैंने कहा-इसमें मेरा क्या दोष है ?अब पत्नी जी- सब मैनें तुम से ही पूछ कर किया था न।ढँग से नहीं बता सकते थे क्या? इससे तो अच्छा था कि मैं खुद ही डिसाइड कर लेती..!अब बचा मैं 

बेचारा पति! क्या करूँ!आप सब तो बड़े क्षीर नीर विवेकी,विद्वान अनुभवी हैं,इसमें मुझ निरीह  प्राणी की कहीं कोई गलती है क्या..??? है तो बताइये ना!कैसे सुधार करें?मेरा व मुझ जैसे कई अन्यों का भला हो जाएगा...!!!

*एक बार खोया हुआ प्यार आप को वापस मिल सकता है लेकिन गाड़ी पोंछने का कपड़ा खो जाये तो फिर कभी वापस नहीं मिलता...!!!*

तरस जाओगे मुझसे बात करने के लिये...बस एक बार मुझे उधार देकर तो देखो...!!!

*ज्ञानी और अज्ञानी दोनों को समझाया जा सकता...पर अभिमानी को वक्त के अलावा और कोई भी नहीं समझा सकता...!!!*

डॉक्टर की रात को अचानक नींद खुली,उसने देखा कि उसका टॉयलेट पूरी तरह से ब्लॉक हो गया है, उसने अपनी पत्नी से कहा-मैं अभी प्लम्बर को बुलाता हूँ, पत्नी ने कहा-रात को ढाई बजे प्लम्बर को मत बुलाओ! तो वे बोले- मैं तो बुलाऊँगा, हम भी तो जाते हैं, रात को कोई मरीज़ बीमार ही जाये! उसने प्लम्बर को फोन किया,शिकायत की व उसे 

रात को ही आने को कहा।प्लम्बर

ने सुबह आने को कहा तो डॉक्टर ने फिर से वही बात कही कि अगर मैं रात को मरीज़ देखने जा

सकता हूँ तो तुम क्यों नहीं आ सकते? रात में तीन बजे प्लम्बर 

आँखों को मसलते हुए पहुंचा।

डॉक्टर ने उसे ब्लॉक टॉयलेट दिखाया।प्लम्बर बाहर गया,वहाँ

कुछ टैबलेट पड़ी थी,उसने दो उठाईं,टॉयलेट में डालीं और डॉक्टर से कहा-हर आधे घँटे के बाद एक एक बाल्टी पानी डालते रहना अगर कोई फर्क नहीं पड़े तो सुबह फिर से मुझे कॉल करना,हो

सकता है कि मुझे फिर से एंडोस्कोपी करना पड़े...!!!

*ढिंढोरा तो पीटना नहीं चाहता हूं,लेकिन मैनें नीट की परीक्षा कई बार पास की और हर बार अव्वल ही आया...!!!*

आदमी दो जून की रोटी के लिये कितनी मशक्कत करता है,तब  कहीं जा कर नसीब होती है और आज दो जून ही तो है, इसलिये मैनें तो आज रोटी नहीं पकौड़े खाये,कौन इतनी मेहनत करे भाई...!!!

*दोस्त और शराब में से किसे चुनोगे?मेरे ये पूछने वो बोला-*

*शराब को!तो मैनें पूछा-क्यों? तो ज़वाब था- झक मार के उसके पीछे सारे के सारे दोस्त आयेंगे ..!!!*

पँख परिन्दों के ही अच्छे लगते हैं

...इन्सानों के निकल आयें तो बर्बादी शुरू...!!!

*मन्ने एक घँटा पहलां एक लड़के की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्ससेप्ट की थी...अब वो मन्ने बोल रहया कि...वो मेरे बिना नहीं रह सकता...!!!*

सीढ़ियाँ उन्हें मुबारक हों,जिन्हें छत तक जाना है मेरी मंजिल तो आसमां है,रस्ता मुझे खुद बनाना है!

*ज़माने की नज़र में,थोड़ा अकड़ कर चलना सीख लो ...मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे,तो लोग जलाते ही रहँगे...!!!*

आज मैनें माँ से पूछा-माँ मैँ जीवन में आगे बढ़ने के लिये

क्या करूँ? माँ ने बड़े प्यार से बोला-बेटा,वो सामने पड़ा पत्थर

ले और सबसे पहले ये मोबाइल फोड़...!!!

*महिलाओं के दर्द...तुम क्या जानो...नरेन्द्र बाबू...!*

*नोटबन्दी में नोट बाहर आ गये...वैक्सीनेशन में उम्र...!*

जिस महफ़िल में भी जाओगे ना...बस हमारा ही जिक्र

पाओगे....इतना मशहूर कर देंगे हम अपने आपको...कि

छोड़ने पर सौ बार...तुम ही पछताओगे...!!!

🥵😅😜🤓😛😅😜😂😛

*जीवन में जितना महत्व सोने की चैन का...उससे कहीं अधिक महत्व चैन से सोने का...!!!*

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